किसानों की आय दुगुनी करने और देश को
2047 तक दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था
बनाने के लिए किसानों को नई तकनीक व नित नए प्रयोगों से रूबरू कराना होगा। हाल ही
में आयोजित एक कृषि मेले में धानुका एग्रीटेक लिमिटेड के चेयरमैन आर जी अग्रवाल
ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि देश को आर्थिक रफ्तार देने के लिए किसानों को नई टेक्नोलॉजी से अवगत कराना होगा। साथ ही, सरकार को भी इस दिशा में तेज गति से काम करना होगा। उन्होंने कृषि नवाचार और सरकार की पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को बदलते हुए परिवेश में किसानों के तकनीकी ज्ञान को बढ़ाने पर बल देना चाहिए।
गौरतलब है कि दुनिया भर में कृषि
क्षेत्र में तेजी से बदलाव आ रहे हैं। लोग अब नौकरियां छोड़कर कृषि बिजनेस से जुड़
रहे हैं। इसलिए हमें भी पारंपरिक कृषि से कुछ अलग करने की जरूरत है। इसके लिए
किसानों को सरकार की उन कृषि संबंधी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए जिनका उद्देश्य
कृषि क्षेत्र में हो रहे तकनीकी खोजों और नवाचारों को अपनाने की बात कही गई है।
कृषि क्षेत्र के दिग्गज श्री
अग्रवाल ने किसानों की आय बढ़ाने में उच्च गुणवत्ता के कृषि इनपुट की भूमिका को
रेखांकित किया। उन्होंने एग्रीकल्चर इको सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) पर खासा जोर दिया और कहा कि चीन के किसानों की
आय हमारे किसानों से तीन गुना ज्यादा है। कारण यह है कि वहां तकनीकी और नित नए अनुसंधान
पर गंभीरता दिखाते हैं और उसका क्रियान्वयन करता है।
हमारे देश में भी सरकार को इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के साथ मिलकर काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कृषि रसायनों में डुप्लीकेट या मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने गुलाबी इल्ली (पिंक
बॉलवर्म) के नियंत्रण के लिए सही छिड़काव तकनीक के बारे में विस्तार से बताया और
खेती की लागत कम करने के लिए उसे अपनाने के लिए कहा। श्री अग्रवाल ने नकली कृषि
इनपुट उत्पादों के बारे में चेताते हुए सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए असली उत्पादों
को अति महत्त्वपूर्ण बताया।
उन्होंने किसान समाज की समस्याओं पर
प्रकाश डालते हुए बीज, उर्वरक, कीटनाशक, जैव-कीटनाशक, जैव-उद्दीपक
और जैव-उर्वरकों सहित सभी नकली कृषि इनपुट उत्पादों के खिलाफ साथ मिलकर जागरूकता
उत्पन्न और ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कपास की खेती को बर्बाद करने
वाली गुलाबी इल्ली जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक पर बल देते
हुए ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल को समय की जरूरत बताई। इससे किसानों की आय में इजाफा
होगा।