सिल्क की अनेक वेरायटियां एक ही छत के नीचे बिरला ऑडोटोरियम में

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जयपुर, 11 सितम्बर, 2021.

 फाइबर टू सिल्क फैब  द्वारा आठ दिवसीय सिल्क प्रदर्शनी  2021 प्रारंभ हुई, जिसमें देश के 25 राज्यों के 50 से अधिक सिल्क बुनकरों की बुनाई कला को प्रदर्शित किया जा रहा है। उमंग आर्ट एंड  क्राफ्ट एक्सपो के सचिव आशीष गुप्ता ने बताया कि कोरोना काल के बाद अपने अस्तित्व के संकट को जूझ रहे सिल्क बुनकर एक ही छत के नीचे इकट्ठा हुए हैं। बिरला ऑडोटोरियम स्टेचू सर्कल में चल रही इस प्रदर्शनी में 100 से अधिक वेरायटियों की सिल्क साड़ियां, सूट, ड्रेस मटेरियल को जोरदार प्रतिसाद मिल रहा है।

असम के दीपक  एक कलाकार अपने साथ तनछुई इक कानी साड़ी लाए हैं। इस साड़ी की बुनाई इतनी बारीक है कि हाथ से छूने पर ही पता चलता है कि यह बुनाई है या प्रिंट हुई है। असम की मूंगा सिल्क साड़ियां ही गृहणियों को आकर्षित कर रही है। 19 सितम्बर  तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में कश्मीर के बुनकरों के सिल्क के कारपेट, पश्मीना शाल, साड़ियां, गुजरात की चनिया चोली, खेकड़ा  की काटन बेडशीट, कलकत्ता के कारीगर कमल मटका सिल्क, कांता वर्क लखनऊ की लखनवी चिकन, बनारस के वीवर्स मोहम्मद आजम ने बताया कि सिल्क साड़ियां   खडी जॉर्जेट साड़ी हाथ से बनती इसे बनाने में 21 दिनों में तैयार होती है कारीगर अफजल ने बताया कि हम कॅरोना काल मे सभी वीवर्स परेशान है सरकार के दौरान फ्री राशन से कम चल रहा कोरोना काल मे पहली बार घर से रोजी रोटी के लिए जयपुर आये है वो कतान साटन पौड़ी उपड़ा शिफॉन मूंगा मस्राइज मटका रेशम की साड़ी लाये है यहां प्रदर्शित की गई है। 

यह प्रदर्शनी 19 सितम्बर तक बिरला ऑडोटोरियम जयपुर में चलेगी।