नई दिल्ली,मार्च 2026.
हायर एजुकेशन और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के क्षेत्र में दुनिया की दिग्गज एडटेक कंपनी 'ग्रेट लर्निंग' ने नई जानकारी साझा की है कि 2025 में भारतीय प्रोफेशनल्स ने खुद को कैसे अपस्किल किया। ये निष्कर्ष उन 10 लाख से अधिक शिक्षार्थियों के आंकड़ों पर आधारित हैं जिन्होंने वर्ष के दौरान पूरे वर्ष ग्रेट लर्निंग प्लेटफॉर्म पर अपने कौशल को बढ़ाया।
ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि नई तकनीकी कौशल सीखना अब केवल कुछ शुरुआती उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह हर इंडस्ट्री, रोल और अनुभव वाले पेशवरों के करियर के लिए एक बुनियादी ज़रूरत बन गई है।
AI और GenAI स्किल्स सीखना भारत के सीनियर टैलेंट के लिए सबसे जरूरी बना
ग्रेट लर्निंग के AI/ML और GenAI पाठ्यक्रमों में नामांकन करने वालों में से 40% वरिष्ठ पेशेवर थे जिनके पास 15 वर्षों से अधिक का कार्य अनुभव था। इससे पता चलता है कि सीनियर लीडर्स अब AI और GenAI की काबिलियत को बेहतर लीडरशिप और सही फैसले लेने के लिए बहुत जरूरी मान रहे हैं। यह ट्रेंड ऐसे समय में दिख रहा है जब कंपनियां तेजी से AI अपना रही हैं और सीनियर लीडर्स से उम्मीद की जा रही है कि वे AI के जरिए कंपनी में बदलाव लाएं, रणनीति बनाएं और डेटा के आधार पर फैसले लें।
दूसरी ओर, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सीखना मुख्य रूप से करियर की शुरुआत करने वालों तक सीमित रहा। इसमें 60% सीखने वाले ऐसे थे जिनके पास 3 साल से कम का अनुभव था, जिससे पता चलता है कि इसे एक बुनियादी तकनीकी स्किल माना जाता है। वहीं डेटा साइंस और साइबर सिक्योरिटी ने फ्रेशर्स और अनुभवी, दोनों तरह के लोगों को अपनी ओर खींचा—क्योंकि ये स्किल्स करियर शुरू करने और आगे विशेषज्ञता (स्पेशलाइजेशन) हासिल करने, दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
2025 में AI सबसे ज़्यादा डिमांड वाला क्षेत्र बना रहा
AI/ML क्षेत्र , 2025 में, कौशल विकास के लिए प्रोफेशनल्स के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय क्षेत्र था। पिछले साल के मुकाबले इस क्षेत्र के कोर्स की मांग में 17% की बढ़ोतरी देखी गई। इसके बाद डेटा साइंस, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्र रहे।
अब AI को सिर्फ टेक्निकल रोल वाले लोगों की खास स्किल नहीं माना जाता। इसके बजाय, यह हर तरह के काम और हर लेवल के प्रोफेशनल्स के लिए एक जरूरी काबिलियत बनकर उभर रहा है। प्रोफेशनल्स अब केवल ऊपर-ऊपर की जानकारी से आगे बढ़कर AI को गहराई से समझना और उसे जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना सीख रहे हैं। अब पूरा फोकस इस बात पर है कि AI स्किल्स को असल जिंदगी के कामों और कंपनियों में सही मायने में कैसे लागू किया जाए।
0 से 3 साल के वर्क एक्सपीरियंस वाले फ्रेशर्स और शुरुआती करियर प्रोफेशनल्स में अपस्किलिंग (नई स्किल्स सीखने) की मांग सबसे ज़्यादा रही—कुल कोर्स एडमिशन में इनका हिस्सा 48% था। इसके बाद 3 से 12 साल के अनुभव वाले मिड-करियर प्रोफेशनल्स और 12 साल से ज़्यादा अनुभव वाले सीनियर प्रोफेशनल्स की मांग लगभग एक जैसी रही।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि अपस्किलिंग अब पूरे करियर के दौरान बहुत जरूरी हो गई है—चाहे वो नौकरी की शुरुआत हो, करियर का बीच का समय हो या लीडरशिप और प्लानिंग वाले बड़े रोल्स हों।
भारत में अपस्किलिंग की रफ्तार अब IT/ITES सेक्टर से बाहर ज़्यादा दिख रही है
2025 में नई स्किल्स सीखने वाले 77% लोग गैर-प्रौद्योकी क्षेत्र से थे, जैसे बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज, मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी, फार्मा, हेल्थकेयर और अन्य ट्रेडिशनल इंडस्ट्रीज। सिर्फ 23% लोग ही IT/ITES कंपनियों में काम कर रहे थे।
खास बात यह कि AI में अपस्किलिंग करने वाले प्रोफेशनल्स में से एक-तिहाई लोग गैर-STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) पृष्ठभूमि से थे। इससे साफ होता है कि AI को कोई भी सीख सकता है, चाहे उसकी पढ़ाई किसी भी क्षेत्र की हो। जैसे-जैसे AI हर इंडस्ट्री में फैल रहा है, अब सिर्फ AI जानना काफी नहीं रहेगा – असली फर्क तब बनेगा जब कोई व्यक्ति अपने क्षेत्र में AI को सही और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल कर पाने में समर्थ हो सके।
दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में दाखिले का 68% हिस्सा टियर-1 शहरों के पेशेवरों का था, जिनमें से अधिकांश मांग चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य शहरों से थी। टियर-2 शहरों में कौशल विकास की मांग कोयंबटूर, मदुरै, कोच्चि और अन्य उभरते शहरों में सबसे अधिक थी।
तमिलनाडु के शहर टियर-2 और टियर-3 शहरों से अपस्किलिंग की मांग में सबसे आगे हैं, जबकि इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक के शहरों का स्थान है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और उत्तर प्रदेश से भी काफी अच्छी भागीदारी देखने को मिली। इससे साफ है कि भारत में अपस्किलिंग अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों के टैलेंट हब्स में भी तेजी से बढ़ रही है।
निष्कर्षों पर टिप्पणी करते हुए ग्रेट लर्निंग के सह-संस्थापक अर्जुन नायर ने कहा, "हालाँकि AI और GenAI 2024 में भी सबसे अधिक माँग वाले अपस्किलिंग क्षेत्रों में से थे, 2025 में भी उनकी प्रमुखता बनी रही। जो बात तेज़ी से स्पष्ट हुई वह यह थी कि AI किस हद तक उद्योगों, कार्य कार्यों और अनुभव स्तरों में व्याप्त हो गया है। हमने गैर-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों के पेशेवरों में AI सीखने की उल्लेखनीय वृद्धि देखी, जो इस तथ्य को पुष्ट करती है कि AI अब एक विशिष्ट या पूरी तरह तकनीकी कौशल नहीं, बल्कि एक मुख्य कार्यस्थल क्षमता है।"